Saathi Care (SCT) — Official Niyamavali
30 अप्रैल 2026
सम्पूर्ण भारत
SaathiCares.org
जनपद प्रयागराज
आयु सीमा (वर्ष)
वार्षिक अनुदानp>
लॉक-इन पीरियड
नॉमिनी विकल्प
साथी केयर टीम की स्थापना 30 अप्रैल 2026 को देश एवं प्रदेश के विभिन्न संवर्गों एवं समाज से आने वाले जनमानस की मांग पर उनके आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत की गई है।
"Saathi Care" अपनी शुचिता, पारदर्शिता और एकजुटता के बल पर समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा हेतु तत्पर है।
यह योजना सर्वप्रथम सम्पूर्ण भारत में संचालित की जाएगी, जो भारत के सभी संवर्गों के अंतर्गत आने वाले जनमानस के लिए लागू होगी।
"Saathi Care" की सदस्यता प्राप्त करने की आयु सीमा 18 वर्ष से 60 वर्ष तक होगी
नियमानुसार वैधानिक स्थिति में सदस्यता आगे भी बरकरार रह सकेगी।।
निर्धारित वेबसाइट SaathiCares.org पर जाकर नियम एवं शर्तों का अवलोकन करते हुए सहमति प्रदान कर रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।
"Saathi Care" अपनी शुचिता, पारदर्शिता और एकजुटता के बल पर समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा हेतु तत्पर है।
सभी सदस्यों को व्यवस्था संचालन हेतु दानस्वरूप ₹499 वार्षिक देय होगा।
"Saathi Care" अपनी शुचिता, पारदर्शिता और एकजुटता के बल पर समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा हेतु तत्पर है।
"Saathi Care" द्वारा समय-समय पर सदस्यों एवं उनके परिवारों/आश्रितों/नॉमिनी तथा समाज के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जाएंगी।।
प्रमुख योजना — यदि किसी वैधानिक सदस्य का असामयिक निधन हो जाता है, तो सभी सदस्यों को आधिकारिक सोशल मीडिया एवं विभिन्न मंचों के माध्यम से सहयोग हेतु आह्वान किया जाएगा।
वर्तमान में समस्त प्रकार का लॉक-इन पीरियड 1 वर्ष (365 दिन) निर्धारित किया गया है। (पूर्व में 6 माह / 180 दिन था।)।
यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से निर्धारित राशि से अधिक धनराशि नॉमिनी के खाते में भेज दी जाती है, तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वह राशि 3 कार्यदिवस के भीतर वापस करनी होगी। लाभार्थी को सहयोग प्रारम्भ से पूर्व निर्धारित प्रारूप पर शपथ-पत्र देना अनिवार्य होगा।
यदि कोई सदस्य 90% सहयोग के दायरे में नहीं आता, तो वह लगातार 3 माह सहयोग करके पुनः 90 दिन की अवधि पूर्ण करने के बाद वैधानिकता प्राप्त कर सकता है।
यदि सदस्य द्वारा आत्महत्या की जाती है अथवा सदस्य की मृत्यु ऐसी परिस्थिति में होती है जिसमें लाभार्थी/आश्रित/नॉमिनी दोषी या आरोपी हो, तो ऐसी स्थिति में संस्था द्वारा कोई आर्थिक सहयोग नहीं किया जाएगा।
संस्था द्वारा आर्थिक सहयोग सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में कराया जाएगा। इस संबंध में किसी प्रकार की न्यायिक चुनौती का अधिकार किसी सदस्य/आश्रित/लाभार्थी को नहीं होगा।
सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप एवं ईमेल आईडी जारी की गई है।
यदि कोई सदस्य/व्यक्ति/लाभार्थी/नॉमिनी संस्था के विरुद्ध दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, तो संस्था उसकी सदस्यता समाप्त करने एवं विधिक कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र होगी।।
यदि कोई सदस्य/व्यक्ति किसी पदाधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करता है या संस्था-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो संस्था उसकी सदस्यता समाप्त करने एवं कानूनी कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र होगी।
यह राशि निम्नलिखित कार्यों में उपयोग की जाएगी—
वेबसाइट, ऐप आदि के निर्माण एवं संचालन हेतु
कार्यालय व्यवस्था एवं रख-रखाव हेतु
कर्मचारियों के मानदेय हेतु
दिवंगत सदस्य के स्थलीय सत्यापन हेतु
प्रचार-प्रसार एवं सदस्यता अभियान हेतु
जरूरतमंद व्यक्तियों/समूहों/संस्थाओं के सहयोग हेतु
सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रमों एवं संस्था हित में आवश्यक व्यय हेतु